पुष्कर मेला 2026 इस साल मंगलवार, 17 नवंबर से मंगलवार, 24 नवंबर 2026 तक लगेगा। अजमेर से सिर्फ़ 14 किलोमीटर दूर, भगवान ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में हर साल कार्तिक महीने में लगने वाला यह मेला राजस्थान के सबसे बड़े और रंगीन मेलों में से एक है। सजे-धजे ऊँट, घोड़े, लोक कलाकार, देश-विदेश के पर्यटक और लाखों श्रद्धालु इस मेले को ख़ास बनाते हैं।
पुष्कर मेला 2026 की मुख्य तारीखें
| मेला शुरू | मंगलवार, 17 नवंबर 2026 |
| पशु मेला (ऊँट और पशु व्यापार) | 17 से 20 नवंबर |
| प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम | 21 से 24 नवंबर |
| दीपदान | सोमवार, 23 नवंबर (शाम) |
| कार्तिक पूर्णिमा स्नान | मंगलवार, 24 नवंबर 2026 |
पुष्कर मेले का दिन-वार कार्यक्रम
- पहला दिन, 17 नवंबर: मेले का उद्घाटन, ध्वजारोहण और पशु व्यापार की शुरुआत।
- दूसरा दिन, 18 नवंबर: ऊँट सजावट प्रतियोगिता और पशु प्रदर्शनी।
- तीसरा दिन, 19 नवंबर: लोक खेल, साफ़ा बाँधना और मूँछ प्रतियोगिता।
- चौथा दिन, 20 नवंबर: मटका दौड़ और रस्साकशी, शाम को लोक संगीत।
- पाँचवाँ दिन, 21 नवंबर: सुबह हॉट एयर बैलून, दुल्हन प्रतियोगिता और कालबेलिया नृत्य।
- छठा दिन, 22 नवंबर: ऊँट दौड़ और हस्तशिल्प मेला।
- सातवाँ दिन, 23 नवंबर: पुष्कर सरोवर के घाटों पर दीपदान और भजन संध्या।
- आठवाँ दिन, 24 नवंबर: कार्तिक पूर्णिमा का पवित्र स्नान और मेले का समापन।
ध्यान दें: आधिकारिक सांस्कृतिक कार्यक्रम राजस्थान पर्यटन विभाग और ज़िला प्रशासन घोषित करते हैं, और कुछ कार्यक्रमों के दिन बदल सकते हैं। पहुँचने पर स्थानीय जानकारी ज़रूर लें। अंग्रेज़ी में पूरा कार्यक्रम यहाँ देखें: Pushkar Fair 2026 Schedule।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 स्नान का समय
कार्तिक पूर्णिमा मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है। पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर की रात लगभग 11:42 बजे शुरू होकर 24 नवंबर की रात लगभग 8:23 बजे तक रहेगी। स्नान के लिए सबसे शुभ समय सूर्योदय से पहले का ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है (पुष्कर में सूर्योदय लगभग सुबह 7 बजे)। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर सरोवर में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। कई श्रद्धालु देवउठनी एकादशी से पूर्णिमा तक पाँच दिन का पंचतीर्थ स्नान भी करते हैं।
स्नान के बाद श्रद्धालु ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करते हैं, जो दुनिया के उन गिने-चुने मंदिरों में से है जो भगवान ब्रह्मा को समर्पित हैं। ब्रह्म घाट, वराह घाट और गऊ घाट स्नान के प्रमुख घाट हैं। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: Kartik Purnima 2026 at Pushkar।
पुष्कर कैसे पहुँचें
- ट्रेन से: सबसे नज़दीकी बड़ा रेलवे स्टेशन अजमेर जंक्शन है। दिल्ली से अजमेर शताब्दी और वंदे भारत जैसी तेज़ ट्रेनें चलती हैं।
- बस और टैक्सी से: अजमेर से पुष्कर लगभग 14 किमी है, नाग पहाड़ के रास्ते 25 से 35 मिनट। हर 15 से 20 मिनट में रोडवेज़ बसें चलती हैं।
- जयपुर से: लगभग 145 से 150 किमी, सड़क से करीब 3 घंटे।
- हवाई जहाज़ से: सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा किशनगढ़ है, और जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज़्यादा उड़ानें मिलती हैं।
विस्तार से पढ़ें: How to Reach Pushkar from Delhi, Jaipur and Ajmer।
पुष्कर मेले में कहाँ ठहरें
- टेंट कैंप: मेला मैदान के पास मेले के लिए खास टेंट कैंप लगते हैं, जो सबसे पहले भर जाते हैं।
- पुष्कर के होटल और धर्मशालाएँ: घाटों और मंदिरों के पास, लेकिन 20 से 24 नवंबर के लिए हफ़्तों पहले बुकिंग करें।
- अजमेर में ठहरें: ज़्यादा विकल्प और कम दाम, और पुष्कर सिर्फ़ 30 मिनट दूर।
पुष्कर मेले के लिए ज़रूरी टिप्स
- मेला मैदान और स्टेडियम के कार्यक्रमों में प्रवेश निःशुल्क है।
- ऊँट और पशु मेला देखना है तो 17 से 20 नवंबर के बीच जाएँ। प्रतियोगिताओं और रौनक के लिए 21 से 24 नवंबर अच्छे हैं।
- कार्तिक पूर्णिमा पर बहुत भीड़ होती है, इसलिए एक दिन पहले पहुँचें और घाट तक पैदल जाने के लिए तैयार रहें।
- सुबह और रात में ठंड होती है, गर्म कपड़े साथ रखें।
- पुष्कर तीर्थ नगरी है। घाटों पर जूते उतारें, शालीन कपड़े पहनें और स्नान करते लोगों की फ़ोटो न लें।
- कीमती सामान कम रखें और अपने मोबाइल और पर्स का ध्यान रखें।
पुष्कर में क्या खाएँ
पुष्कर शाकाहारी नगरी है। यहाँ का प्रसिद्ध मालपुआ ज़रूर चखें, नाश्ते में कढ़ी कचौरी और गरमा-गरम जलेबी लें, और बाज़ार में गाढ़ी लस्सी पिएँ। अजमेर का सोहन हलवा घर ले जाना न भूलें।
अजमेर भी घूमें
पुष्कर मेले के साथ अजमेर में एक दिन ज़रूर बिताएँ: अजमेर शरीफ़ दरगाह, अढ़ाई दिन का झोंपड़ा, सोनीजी की नसियाँ और शाम को आना सागर झील। अजमेर और पुष्कर की सभी घूमने की जगहें यहाँ देखें: Places to Visit। मेले की पूरी जानकारी अंग्रेज़ी में: Pushkar Fair 2026।
